हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर
हरिद्वार के श्रवण नाथ नगर स्थित सेवा समिति हॉल में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा अमृत का रसपान कर रहे हैं। कथा व्यास परम पूज्य प्रातः स्मरणीय अशोक शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समस्त वेदों, उपनिषदों और पुराणों का सार है। जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है और उसे सांसारिक बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि कलियुग में भगवान की कथा, नाम-स्मरण और सत्संग ही मानव जीवन को सफल बनाने का सबसे सरल और श्रेष्ठ साधन है।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य के अंतःकरण को निर्मल बनाती है और उसमें प्रेम, करुणा, दया तथा भक्ति के भावों का संचार करती है। भगवान के दिव्य चरित्रों का श्रवण कर व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है।
इस दौरान उन्होंने एक सुंदर दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि जिस प्रकार अंधकार से भरे कक्ष में दीपक जलते ही प्रकाश फैल जाता है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के हृदय में व्याप्त अज्ञान, मोह और पाप रूपी अंधकार दूर हो जाता है। भगवान की भक्ति का प्रकाश जीवन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करता है।
इस अवसर पर कथा में विशेष सहयोग देने वाले भक्तगणों में श्यामलाल, चंद्रमणि शर्मा तथा जम्मू से पधारे आचार्य कमल दुबे सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बना रहे हैं।
आश्रम परिसर भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस दिव्य कथा के श्रवण से उन्हें आध्यात्मिक शांति, आत्मिक आनंद और प्रभु भक्ति की अमूल्य प्रेरणा प्राप्त हो रही है।
चंद्रमणि शर्मा ने कहा कि इस विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार में कथा सुनना उनके जीवन को धन्य बना रहा है
हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर

