किसानों की समस्याओं पर मंथन, सम्मान निधि बढ़ाने सहित कई मांगें उठींभारतीय
हरिद्वार। किसान यूनियन जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया और सरकार से त्वरित समाधान की मांग की गई।बैठक में किसानों ने मांग की कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली वर्तमान ₹6,000 वार्षिक राशि को बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया जा सके। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा ₹2 लाख तक ब्याजमुक्त करने की मांग भी रखी गई।किसानों ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने वाला कानून जल्द लागू किया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।बैठक में देशभर में खाद की कमी, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। किसानों ने मांग की कि सरकार इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए।इसके अलावा, हापुड़ जनपद की सिंभावली शुगर मिल द्वारा वर्ष 2013 से किसानों के गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान न किए जाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। किसानों ने गन्ना अधिनियम के तहत 14 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।बैठक में बुलंदशहर जनपद की सियाना तहसील, जो आम उत्पादन के लिए विश्वविख्यात है, वहां मैंगो फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की मांग भी रखी गई, जिससे स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और लाभ मिल सके।इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर संगठन के बड़ी संख्या में सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

