हरिद्वार में श्री हरिवंश पुराण कथा का आयोजन, श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर
हरिद्वार। पावन नगरी हरिद्वार में मां गंगा के तट पर श्री हरिवंश पुराण कथा का भव्य आयोजन चल रहा है, जहां दूर-दूर से आए श्रद्धालु कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की अनुपम छटा बिखरी हुई है।
कथा व्यास परम पूज्य डॉ. वेदांती श्री सीता शरण दास जी महाराज ने श्री हरिवंश पुराण के दिव्य प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल द्वापर युग के नायक ही नहीं, बल्कि समस्त जीवों के परम हितैषी एवं कल्याणकारी हैं।
महाराज श्री ने श्री हरिवंश पुराण में वर्णित वृंदावन की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, तब-तब प्रभु उसकी रक्षा हेतु स्वयं उपस्थित हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि श्री हरिवंश पुराण भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक स्वरूप, उनके दिव्य चरित्र तथा धर्म की स्थापना के महान संदेश से परिपूर्ण है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोप-गोपियों के प्रेम तथा उनके भक्तवत्सल स्वरूप का ऐसा मार्मिक वर्णन हुआ कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हरिनाम संकीर्तन में झूम उठे।
महाराज श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि श्री हरिवंश पुराण का श्रवण मनुष्य के जीवन में भक्ति, सदाचार और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संचार करता है तथा उसे मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और गंगा तट पर भक्तिमय वातावरण में कथा का रसास्वादन कर रहे हैं।

