सातवें दिन श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य समापन, हवन-पूजन व भंडारे के साथ श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य का लाभ
हरिद्वार। अग्रवाल भवन, भूपतवाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सातवें दिन विधिवत समापन हुआ। प्रातःकाल से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, जहां पूजन, हवन एवं श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन का पाठ पूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति भाव से संपन्न किया गया।
कथा व्यास परम पूज्य श्री मुकुंद हरि जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि रुक्मिणी विवाह भक्ति, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं अपरंपार हैं, और उनके प्रति सच्ची श्रद्धा एवं समर्पण से जीवन में सुख, शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।
समापन अवसर पर ब्राह्मणों को विधिवत आमंत्रित कर उनका सत्कार किया गया तथा श्रद्धा भाव से भोजन प्रसाद वितरित किया गया। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रेसिडेंट दिलीप चंद गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेट्री अनिल गोयल, जनरल सेक्रेटरी आशु गर्ग, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पृथ्वीराज बंसल, वाइस प्रेसिडेंट कश्मीरी लाल गुप्ता तथा जयपाल जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते नजर आए।
सातवें दिन श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य समापन, हवन-पूजन व भंडारे के साथ श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य का लाभ

