🚨 अनमोल टीवी के नाम पर पत्रकारों को ठगने का आरोप! ₹5 लाख के इंश्योरेंस का लालच देकर QR कोड से वसूली, पत्रकारिता जगत में मचा हड़कंप
विज्ञापन और QR कोड के जरिए पत्रकारों को बनाया जा रहा निशाना, पत्रकारों से अपील—बिना सत्यापन न करें कोई भुगतान
हरिद्वार, उत्तराखंड। पत्रकारिता जगत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अनमोल टीवी चैनल के नाम पर पत्रकारों को ₹5 लाख के इंश्योरेंस का लाभ दिलाने का प्रलोभन देकर कथित तौर पर पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ लोग चैनल के नाम से विज्ञापन और अन्य संदेश भेजकर पत्रकारों का भरोसा जीतते हैं, इसके बाद QR कोड भेजकर भुगतान करने के लिए कहते हैं।
बताया जा रहा है कि ₹5 लाख के इंश्योरेंस और चैनल से जुड़ने जैसी सुविधाओं का लालच देकर पत्रकारों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के संदेशों और QR कोड के माध्यम से पैसे मांगे जाने को लेकर पत्रकारों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
पत्रकारों की मेहनत की कमाई पर नजर, सतर्क रहना बेहद जरूरी
पत्रकार समाज की आवाज बनकर जनता की समस्याओं को सामने लाते हैं, लेकिन यदि पत्रकारिता के नाम का इस्तेमाल कर किसी के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की जाती है, तो यह बेहद गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
सभी पत्रकारों से अपील है कि अनमोल टीवी या किसी अन्य मीडिया संस्थान के नाम पर मिलने वाले इंश्योरेंस संबंधी विज्ञापनों, ज्वाइनिंग ऑफर और QR कोड की पहले आधिकारिक स्तर पर जांच करें। बिना लिखित पुष्टि और वैध दस्तावेजों के किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे न भेजें।
कैसे बचें ऐसी कथित ठगी से?
- ₹5 लाख के इंश्योरेंस के दावे की संबंधित बीमा कंपनी से पुष्टि करें।
- QR कोड स्कैन करके बिना जांच-पड़ताल के भुगतान न करें।
- चैनल के अधिकृत कार्यालय और जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे संपर्क कर जानकारी सत्यापित करें।
- भुगतान का दबाव बनाने वाले या संदिग्ध विज्ञापन भेजने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें।
- यदि किसी के साथ धोखाधड़ी हुई है, तो भुगतान के प्रमाण और संदेश सुरक्षित रखकर पुलिस तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
पत्रकारों के नाम विशेष संदेश: पत्रकारिता के सम्मान और विश्वास का फायदा उठाकर किसी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के प्रति जागरूक रहें। किसी भी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
सावधान रहें, सतर्क रहें—आपकी मेहनत की कमाई आपकी जिम्मेदारी है।






