कनखल के मृत्युंजय मठ में 14वां महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह संपन्न चार संतों को महामंडलेश्वर की उपाधि से किया गया विभूषित, संत समाज ने दिया आशीर्वाद
हरिद्वार। कनखल स्थित मृत्युंजय मठ में श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा (रजि.) का 14वां महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह श्रद्धा, आस्था और संत परंपरा की गरिमा के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।समारोह के दौरान दीपेंद्र नाथ ‘दीपक’ जी महाराज (जम्मू), विजय लक्ष्मी मोनिका जी महाराज (चंडीगढ़), अंजू जी महाराज (दिल्ली) एवं दीपांशु जी महाराज (अंबाला) को महामंडलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया गया। इस अवसर पर संत समाज ने नव नियुक्त महामंडलेश्वरों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सनातन धर्म, संत परंपरा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।अखाड़े के अध्यक्ष श्री संजीवन नाथ जी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक केवल पदवी प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि संत परंपरा की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा सनातन संस्कृति, धर्म और मानव सेवा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।महामंडलेश्वर हर्षिता जी महाराज ने कहा कि संत परंपरा का मूल उद्देश्य समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना और सनातन संस्कृति की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना बेहद आवश्यक है।समारोह की मुख्य अतिथि श्री चेतना गिरी महाराज ने नव नियुक्त महामंडलेश्वरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन सनातन संस्कृति की जड़ों को और अधिक मजबूत करते हैं।इस अवसर पर महामंडलेश्वर हर्षिता जी महाराज एवं महामंडलेश्वर श्री कृष्ण जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्रोच्चार, संतों के आशीर्वचन और भक्तिमय वातावरण के बीच समारोह का समापन हुआ। नव नियुक्त महामंडलेश्वरों के पट्टाभिषेक के साथ संत परंपरा और समाज सेवा के प्रति उनके नए दायित्वों का भी शुभारंभ हुआ।






