पीडीए के हक-अधिकार की लड़ाई को लेकर सपा नेताओं ने भरी हुंकार, जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का किया दावा
हरिद्वार। ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के बड़ा वाला में रविवार को समाजवादी पार्टी की ओर से पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत का आयोजन समाजवादी पार्टी हरिद्वार की पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन देवी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शुभम गिरी ने की। पंचायत में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भागीदारी की और स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पंचायत को संबोधित करते हुए सपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शुभम गिरी ने उत्तर प्रदेश की पिछली समाजवादी सरकार के दौरान संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने मौजूदा प्रदेश सरकार पर आम जनता की समस्याओं की अनदेखी करने तथा विकास योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो जनकल्याणकारी योजनाओं को महज कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों को मिले, इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, समाजवादी अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राव धन्नो ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर पीडीए समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पीडीए समाज अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने समाज के लोगों के साथ उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया।
राव धन्नो ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए समाज के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक उठाया जाएगा और उनके हक एवं अधिकारों के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।
पंचायत के दौरान सपा नेता महिपाल चौधरी समेत अन्य नेताओं ने संगठन को मजबूत करने, आम जनता के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना करने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सपा नेता नेपाल चौधरी सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पंचायत में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को पार्टी नेताओं ने संगठन के प्रति बढ़ते जनसमर्थन के रूप में देखा।






