116वीं ज्योत महोत्सव यात्रा भव्यता एवं श्रद्धा के साथ संपन्न

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित होटल से स्वर्गीय प्रेम कुमार प्रेमी जी की पावन स्मृति में 116वीं वार्षिक ज्योत महोत्सव यात्रा श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ भव्य रूप से निकाली गई। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक एवं सामाजिक परंपरा को इस वर्ष भी पूरी आस्था और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया गया। महोत्सव की समस्त व्यवस्थाएं प्रेम कुमार प्रेमी जी की धर्मपत्नी श्रीमती नीलम प्रेम कुमार प्रेमी के मार्गदर्शन में श्रद्धा, सेवा और समर्पण भाव से संपन्न हुईं।

महरौली से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन ज्योत महोत्सव में शामिल होने के लिए हरिद्वार पहुंचे। श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, आवागमन तथा सेवा-सत्कार की व्यवस्थाएं श्रीमती नीलम प्रेम कुमार प्रेमी द्वारा पूरी सजगता और आत्मीयता के साथ की गईं। उनके सेवा भाव, उत्साह और समर्पण की श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से सराहना की।

इस अवसर पर श्रीमती नीलम प्रेम कुमार प्रेमी ने कहा कि प्रेम कुमार प्रेमी जी ने जिस श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ ज्योत महोत्सव की परंपरा का शुभारंभ किया था, उसे आगे बढ़ाना परिवार के लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक पावन सेवा और संकल्प है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद इसी प्रकार मिलता रहा तो यह पवित्र परंपरा भविष्य में भी निरंतर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी रहेगी।

कार्यक्रम में श्रीमती जेटली, श्रीमती नेहा अरोड़ा, श्रीमती सुमन अरोड़ा, श्रीमती रश्मि, श्रीमती रेखा शर्मा, श्रीमती डॉली शर्मा, पार्षद मनोज मेहलावत, महरौली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष श्री रमेश कुमार उर्फ कल्लू भाई तथा श्री गजेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

सभी वक्ताओं ने प्रेम कुमार प्रेमी जी द्वारा प्रारंभ की गई ऐतिहासिक एवं भव्य ज्योत यात्रा को श्रद्धा और आस्था की अद्भुत मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि परिवार द्वारा आज भी इस परंपरा का उसी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया जाना समाज के लिए प्रेरणादायी है। वक्ताओं ने श्रीमती नीलम प्रेम कुमार प्रेमी के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रेम, श्रद्धा, संस्कार और पारिवारिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का एक प्रेरणादायी माध्यम है।

ज्योत महोत्सव यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। भक्ति एवं आस्था से ओतप्रोत यात्रा ने हरिद्वार की धार्मिक फिजाओं को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने प्रेम कुमार प्रेमी जी की पावन स्मृति को नमन करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा समाज के मंगल की कामना की।

116वीं ज्योत महोत्सव यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा, सेवा और संस्कारों से जुड़ी परंपराएं पीढ़ियों तक समाज को प्रेरणा देती रहती हैं।

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