हरिपुर कला। गली नंबर-6 स्थित श्री आनंद आश्रम धर्मशाला में आश्रम स्थापना दिवस समारोह एवं विशाल संत भंडारे का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। पूज्य श्री आनंद आनंद तीर्थ जी महाराज, श्री कार्तिकेय आश्रम, हरिद्वार के पावन आशीर्वाद एवं परम कृपा से तथा आचार्य श्री सुखदेव जी महाराज के पतित पावन सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक समारोह में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
समारोह के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। संत-महात्माओं के पावन सानिध्य में विधिवत पूजा-अर्चना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। इसके उपरांत विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस अवसर पर श्री आनंद धर्मशाला, हरिद्वार के उपाध्यक्ष श्री संतोष पटेल, सचिव श्री योगेंद्र जी गहलोत एवं कोषाध्यक्ष श्री गजराज जी गहलोत ने आश्रम की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और उनका आशीर्वाद मानव जीवन को सद्मार्ग की ओर ले जाने वाला अमूल्य आधार है। धार्मिक आयोजनों और संत सेवा के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है।
उन्होंने कहा कि संत भंडारा केवल भोजन कराने की परंपरा नहीं, बल्कि संत सेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का पावन माध्यम है। आश्रम स्थापना दिवस जैसे आयोजन लोगों को अपनी आध्यात्मिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ सेवा और मानव कल्याण की भावना को भी मजबूत करते हैं।
समारोह में संत-महात्माओं के आशीर्वचन एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भावना से परिपूर्ण रहा। आयोजन के सफल संपन्न होने पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आश्रम परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सेवा कार्य निरंतर आयोजित किए जाने की कामना की।






