हरिद्वार। जूना अखाड़ा हरिद्वार में पट्टा अभिषेक: महामंडलेश्वर माता सन्यासिनी रूपमाई नंद गिरी से भेंट, सनातन धर्म व सामाजिक विषयों पर हुई सार्थक चर्चा
हरिद्वार:
पंच दश नामक जूना अखाड़ा हरिद्वार द्वारा आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में महामंडलेश्वर पद पर पट्टा अभिषेक के अवसर पर संत-महात्माओं की उपस्थिति में एक गरिमामय वातावरण देखने को मिला। इस पावन अवसर पर महामंडलेश्वर माता सन्यासिनी रूपमाई नंद गिरी से भेंट कर सनातन धर्म एवं समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
माता सन्यासिनी रूपमाई नंद गिरी ने अपने संबोधन में सनातन धर्म की परंपराओं, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है, जो मानवता, सेवा और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है।
माताजी ने विशेष रूप से मां गंगा की स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और समाज के लोगों से अपील की कि गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने में अपना योगदान दें।
जूना अखाड़ा हरिद्वार में पट्टा अभिषेक: महामंडलेश्वर माता सन्यासिनी रूपमाई नंद गिरी से भेंट, सनातन धर्म व सामाजिक विषयों पर हुई सार्थक चर्चा

