हरिद्वार। मां गंगा की पावन धरा हरिद्वार में पितृपक्ष के पावन अवसर पर पवन धाम में समस्त जिंदल परिवार की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा के जींद जिले के गांव मोरखी एवं पानीपत से आए जिंदल परिवार के सदस्यों ने अपने पितरों की कृपा एवं स्मृति में इस धार्मिक आयोजन का संकल्प लिया है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त भाव-विभोर होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।
कथा व्यास विकास दास जी महाराज द्वारा श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है। महाराज जी ने कथा के माध्यम से भगवान की भक्ति, धर्म, संस्कार और सद्मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को आध्यात्मिक प्रकाश प्रदान करता है और पितरों की शांति एवं सद्गति के लिए भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
कथा आयोजन में जिंदल परिवार के सतपाल जिंदल, वीरभान जिंदल, रामचरण जिंदल, प्रहलाद, कृष्णा, महावीर सहित समस्त परिवारजन पूरे श्रद्धाभाव से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। परिवार के सदस्यों द्वारा कथा में पहुंचने वाले संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का आदर-सत्कार किया जा रहा है तथा कथा आयोजन की सभी व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग किया जा रहा है।
पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जिंदल परिवार के सदस्य मां गंगा के पावन जल में स्नान, गंगा आरती एवं पूजन में भी श्रद्धापूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। परिवारजनों का कहना है कि हरिद्वार की पावन भूमि पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करना उनके लिए सौभाग्य और पुण्य का विषय है।
पवन धाम में चल रही कथा में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा पंडाल में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है तथा श्रद्धालु भगवान की कथा का श्रवण कर भक्ति भाव में डूब रहे हैं। समस्त जिंदल परिवार एकजुट होकर कथा में सहभागिता कर रहा है, जिससे आयोजन में पारिवारिक एकता, श्रद्धा और सनातन संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिल रही है।






