मास-ध्यान साधना शिविर के दशम दिवस पर साधकों ने की ध्यान-साधना, संतों से प्राप्त किया आध्यात्मिक मार्गदर्शन

मास-ध्यान साधना शिविर के दशम दिवस पर साधकों ने की ध्यान-साधना, संतों से प्राप्त किया आध्यात्मिक मार्गदर्शन

संतमत का संदेश—झूठ, चोरी, नशा और हिंसा का त्याग कर अपनाएं सदाचारी जीवन: स्वामी पंकज बाबा

हरिद्वार। शारदा पैलेस, हरिद्वार में आयोजित मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का दशम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे साधकों ने नियमित रूप से ध्यान-साधना, सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर संत-महात्माओं का मार्गदर्शन प्राप्त किया।

दशम दिवस पर प्रातःकालीन एवं अपराह्न कालीन ध्यान-साधना के साथ सत्संग का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं ने साधकों को ध्यान, भक्ति, सदाचार तथा मानव जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया। संतों ने कहा कि नियमित ध्यान और सत्संग से मन को शांति मिलती है तथा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक विचारों, आत्मसंयम और सद्गुणों का विकास होता है।

इस अवसर पर स्वामी गुरुनंदन जी महाराज, स्वामी गुरुसारण जी महाराज, स्वामी नंदन जी महाराज, स्वामी बिंदेश्वरी बाबा, स्वामी संजीवानंद बाबा, स्वामी अनिल बाबा, स्वामी पंकज बाबा, स्वामी तपेश्वर बाबा सहित अन्य संत-महात्माओं का सानिध्य साधकों को प्राप्त हुआ। साधकों ने गुरु-भक्ति, अनुशासन और श्रद्धा के साथ शिविर की साधना में सहभागिता की।

स्वामी पंकज बाबा ने संतमत के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए झूठ, चोरी, नशा और हिंसा जैसी बुराइयों का त्याग करना चाहिए तथा सदाचारी जीवन का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयम, सत्य, सदाचार, ध्यान और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति अपने वर्तमान जीवन को बेहतर बनाने के साथ लोक एवं परलोक दोनों को संवारने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने साधकों से नियमित रूप से ध्यान-साधना एवं सत्संग से जुड़ने तथा अपने आचरण में संतमत के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया।

मास-ध्यान साधना शिविर 2026 आगामी 9 अक्टूबर तक निरंतर चलेगा। शिविर के दौरान साधकों को नियमित ध्यान-साधना, सत्संग, गुरु-भक्ति एवं संत-महात्माओं के आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त होगा।

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