भगवान श्री श्रीचंद्र के विचार आज भी प्रासंगिक : महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज
हरिद्वार, 19 सितंबर। त्याग, तपस्या, साधना और मानव सेवा के प्रतीक उदासीनाचार्य भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज की 532वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण में भव्य संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत-महंतों एवं महामंडलेश्वरों ने भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज के जीवन, साधना और शिक्षाओं का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने कहा कि भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज ने आध्यात्मिक साधना के साथ लोककल्याण को भी अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनकी शिक्षाएं सत्य, संयम, सेवा और सदाचार की राह दिखाती हैं। ऐसे महान संतों के विचारों को समाज तक पहुंचाना संत समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, साधना और मानव सेवा का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही हैं और वर्तमान समय में उनके विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
अखाड़े के अध्यक्ष धूनी दास महाराज ने कहा कि भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज की जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर है। मुखिया महंत भगत राम महाराज ने कहा कि भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज ने समाज को आध्यात्मिक उन्नति के साथ सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश दिया। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण धार्मिक गतिविधियों के साथ लोकसेवा के विभिन्न प्रकल्पों का निरंतर संचालन कर रहा है।
कोठारी महंत नितिन दास महाराज ने समारोह में पहुंचे सभी संत-महापुरुषों का स्वागत करते हुए कहा कि भगवान श्री श्रीचंद्र महाराज ने अपने जीवन और साधना के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक चेतना के साथ मानव सेवा की राह दिखाई। उनके आदर्श आज भी संत समाज और जनमानस के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर महंत जगतार मुनि, मुखिया महंत मंगल दास, मुखिया महंत आकाश मुनि, महंत देवानंद, महामंडलेश्वर योगेंद्रानंद, महामंडलेश्वर राजशेखरानंद, उदासीन बड़ा अखाड़ा के महंत रामनौमी दास, कोठारी राघवेंद्र दास, महंत गोविंद दास, महामंडलेश्वर सुरेश मुनि, महंत जमुना दास, महंत ओमप्रकाश शास्त्री, बाबा हठयोगी, महंत दिनेश दास, महंत दुर्गेशानंद, महापौर किरन जैसल, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिरुद्ध भाटी, राज्यमंत्री नितिन गौतम, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सीडीओ ललित नारायण मिश्र, पार्षद सुनील अग्रवाल गुड्डू, सचिन अग्रवाल, मुकुल पाराशर, संदीप गोयल, हीरा सिंह बिष्ट, तरुण नैयर, दीपांशु विद्यार्थी, पूर्व राज्यमंत्री डॉ. संजय पालीवाल, प्रदीप चौधरी, पूर्व मेयर मनोज गर्ग सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत एवं महामंडलेश्वर उपस्थित रहे।
संत सम्मेलन का संचालन रविदेव शास्त्री ने किया।






