हरिद्वार में धूमधाम से निकली 48वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा, संत सम्मेलन का भी आयोजन
हरिद्वार, 16 जुलाई। देवपुरा स्थित श्री गुरुमंडल आश्रम के संयोजन में 48वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई। आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज के नेतृत्व में निकली इस भव्य रथयात्रा में बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रथयात्रा में सभी तेरह अखाड़ों के संत-महंतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। नगर भ्रमण के पश्चात रथयात्रा पुनः आश्रम पहुंचकर संपन्न हुई।
रथयात्रा के समापन के बाद आश्रम परिसर में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि संत महापुरुष समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करते हैं, और उनके सानिध्य से ही व्यक्ति का कल्याण संभव है।
स्वामी भगवत स्वरूप महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान जगन्नाथ, भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का ही स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि करुणामय भगवान जगन्नाथ मानव कल्याण के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। रथयात्रा में शामिल होने और रथ खींचने से जन्म-जन्मांतर के पापों का शमन होता है तथा भगवान की कृपा से परिवार के संकट दूर होकर सुख-समृद्धि का वास होता है।
महंत रघुवीर दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत विष्णुदास और स्वामी कपिल मुनि ने कहा कि इस वार्षिक रथयात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान कृष्ण के स्वरूप भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
कार्यक्रम के अंत में स्वामी शिवस्वरूप महाराज ने सभी संत महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संतों के सानिध्य में निकली यह विशाल रथयात्रा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस अवसर पर महंत सूरज दास, स्वामी शिवानंद भारती, महंत गोविंददास, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, महंत बिहारी शरण, महंत सूर्यांश मुनि, स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी दिनेश दास, महंत राघवेंद्र दास, स्वामी संतोषानंद, महंत जसविंदर सिंह, बाबा हठयोगी, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी अनंतानंद, स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

