मनसा देवी मंदिर में दान व्यवस्था होगी पारदर्शी, ट्रस्ट ने बनाई नई कमेटी
अव्यवस्था पर सख्ती: बिना जेब वाले वस्त्र पहनेंगे पुजारी, हर दान की मिलेगी रसीद – श्रीमहंत रविंद्रपुरी
हरिद्वार, 6 जुलाई। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद के बाद अब हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी मंदिर में दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने दान और चढ़ावे की व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने हेतु एक विशेष कमेटी का गठन किया है।
मंदिर परिसर में कमेटी के गठन की घोषणा करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नवगठित समिति में मंदिर के सात पुजारियों को शामिल किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी पुजारी बिना जेब वाले वस्त्र धारण करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके। यदि मंदिर व्यवस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति या पुजारी चढ़ावे या दान राशि में हेरफेर करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने यह भी निर्देश दिए कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक दान की विधिवत रसीद दी जाएगी और प्रतिदिन का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। यहां तक कि गुप्त दान (दानपात्र में प्राप्त राशि) का भी रिकॉर्ड तैयार कर पारदर्शी तरीके से उसका हिसाब रखा जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मंदिर में चढ़ाई गई दान राशि और चढ़ावे का उपयोग जनहित और धार्मिक कार्यों में किया जाएगा। साथ ही, मंदिर में चढ़ाए गए नारियल, प्रसाद और फूलों को दोबारा उपयोग या पुनः चढ़ाने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है, जिससे धार्मिक मर्यादा बनी रहे।
इस पहल को श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने और मंदिर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

