भव्य समारोह में स्वामी गोपालानंद भारती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक
हरिद्वार, 30 जून। निरंजनी अखाड़े में आयोजित एक गरिमामय पट्टाभिषेक समारोह के दौरान स्वामी गोपालानंद भारती को महामंडलेश्वर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। समारोह अखाड़े के पंच परमेश्वरों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद भारती महाराज ने की, जबकि संचालन श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने किया।
समारोह में देशभर से आए संत-महापुरुषों ने तिलक-चादर विधि के साथ पुष्पवर्षा कर उनका अभिषेक किया। सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद भारती महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी गोपालानंद भारती एक ज्ञानी एवं अनुशासित संत हैं, जो सनातन धर्म की परंपराओं को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं।
श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर का पद संत परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और यह विश्वास जताया कि स्वामी गोपालानंद भारती इस दायित्व को पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएंगे।
अपने संबोधन में स्वामी गोपालानंद भारती ने सभी संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी के नेतृत्व में सनातन धर्म के संरक्षण एवं अखाड़े की प्रगति हेतु कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अनेक संत-महापुरुषों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे समारोह अत्यंत भव्य और सफल रहा।

