भाजपा किसान मोर्चा में मंत्री बने विकास गुप्ता, भव्य स्वागत एवं विशाल भंडारे का आयोजन
हरिद्वार, भूपतवाला। भारतीय जनता पार्टी के अंतर्गत सप्तऋषि मंडल में किसान मोर्चा के मंत्री पद पर विकास गुप्ता की नियुक्ति होने पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर वार्ड नंबर 1 स्थित निगम कुटीर, रानी गली भूपतवाला में महंत भीम सिंह जी के सानिध्य में 500 से अधिक संतों एवं भक्तों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ढोल-बाजे के साथ विकास गुप्ता का भव्य स्वागत किया गया। महंत भीम सिंह जी एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर किसान मोर्चा के मंत्री पद पर सम्मानपूर्वक सुशोभित किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
मंत्री पद ग्रहण करते हुए विकास गुप्ता ने समाज सेवा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वे निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा करते रहेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उल्लेखनीय है कि विकास गुप्ता वार्ड नंबर 1 से पूर्व में निर्दलीय प्रत्याशी रह चुके हैं और बिना किसी पद के भी उन्होंने लगातार जनसेवा के कार्य किए हैं।
विकास गुप्ता ने अपने कार्यकाल में वार्ड में बिजली, पानी, सड़क एवं अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने वार्ड से बाहर भी जरूरतमंदों की सहायता कर एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता की पहचान बनाई है। क्षेत्र के लोगों में उनके प्रति विशेष सम्मान और विश्वास देखने को मिलता है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें जनता की सेवा के लिए किसी पद की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सेवा उनके जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने जोर देते हुए कहा—
“हम सबसे पहले एक इंसान हैं और हमें अपनी इंसानियत को कभी नहीं भूलना चाहिए। जाति और धर्म समाज की व्यवस्थाएं हैं, लेकिन इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। यदि कोई व्यक्ति संकट में है, तो हमारी पहली जिम्मेदारी उसकी मदद करना है, न कि उसकी जाति या धर्म पूछना।”
उन्होंने आगे कहा कि यही मानवता का सच्चा स्वरूप है, जो हमें समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उनके इस विचार से उपस्थित लोगों ने सहमति जताई और उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सेवा भावना और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।

