केयर कॉलेज घेराव पर फूटा छात्रों का गुस्सा: जीएनएम कोर्स में कथित धोखाधड़ी पर दो दिन तक चला उग्र प्रदर्शन!

🔥 केयर कॉलेज घेराव पर फूटा छात्रों का गुस्सा: जीएनएम कोर्स में कथित धोखाधड़ी पर दो दिन तक चला उग्र प्रदर्शन!
हरिद्वार में केयर कॉलेज को लेकर छात्रों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब जीएनएम (GNM) पाठ्यक्रम के इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से अप्रूव्ड न होने का मामला सामने आया। इस गंभीर मुद्दे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में कॉलेज परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया गया, जो लगातार दो दिनों तक चला।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि परिषद कार्यकर्ताओं की कॉलेज प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसीएमओ और तहसील प्रशासन के अधिकारियों के साथ तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।
⚠️ छात्रों का आरोप: बिना सही जानकारी दिए कराया गया प्रवेश
एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने जीएनएम कोर्स के बारे में पूरी और सही जानकारी दिए बिना ही छात्रों का एडमिशन कर लिया। अब जब कोर्स के अप्रूव्ड न होने की बात सामने आई है, तो छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
🗣️ परिषद का स्पष्ट रुख: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जिला संगठन मंत्री अमन सिंह तोमर ने कड़े शब्दों में कहा:
“विद्यार्थियों को गलत जानकारी देकर प्रवेश दिलाना बेहद गंभीर विषय है। यदि किसी भी छात्र का भविष्य खराब होता है तो एबीवीपी चुप नहीं बैठेगी। यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए है।”
🎓 छात्रों की चिंता: भविष्य को लेकर बढ़ी बेचैनी
प्रदर्शन में शामिल छात्र विशाल ने कहा:
“हमें एडमिशन के समय पूरी जानकारी नहीं दी गई। अब हमारे भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। एबीवीपी ने हमारी आवाज उठाई, इसके लिए हम परिषद का धन्यवाद करते हैं।”
🤝 प्रशासन ने दिया आश्वासन
लगातार विरोध प्रदर्शन और वार्ता के बाद कॉलेज प्रशासन ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि:
किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा
यदि कॉलेज की वजह से कोई शैक्षणिक या भविष्य संबंधी हानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कॉलेज स्वयं उठाएगा
आवश्यक समाधान और कार्यवाही जल्द की जाएगी
✊ छात्र हितों की लड़ाई जारी रहेगी
एबीवीपी पदाधिकारियों ने दोहराया कि परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी।
इस दौरान सूर्या प्रताप राणा, अभिजीत पाल, आशीष त्रिपाठी, पीयूष मलिक टाटा, शुभम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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