मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का बीसवां दिवस संपन्न

9 अक्टूबर को होगा भव्य समापन, संत-महात्माओं के विशेष प्रवचन व आशीर्वचन से सजेगा समारोह

हरिद्वार, शारदा पैलेस। महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार के तत्वावधान में शारदा पैलेस, हरिपुर कलां में आयोजित मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का बीसवां दिवस श्रद्धा, साधना, अनुशासन एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे साधक नियमित रूप से ध्यान-साधना, सत्संग एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता कर रहे हैं।

बीसवें दिवस पर संत-महात्माओं ने साधकों को ध्यान, सत्संग, सदाचार, सेवा, आत्मचिंतन और नियमित साधना के महत्व से अवगत कराया। संतों ने कहा कि मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व है। नियमित ध्यान एवं सत्संग के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में संयम, शांति और सकारात्मक विचारों का विकास होता है तथा आत्मचिंतन के माध्यम से जीवन को सही दिशा प्रदान करने की प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर स्वामी गुरुनंदन जी महाराज, स्वामी गुरुशरण जी महाराज, स्वामी नंदन जी महाराज, स्वामी बिंदेश्वरी जी महाराज, स्वामी अभिषेकानंद जी महाराज, स्वामी संजीवानंद जी महाराज, स्वामी पंकज बाबा, स्वामी शंकर बाबा सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के प्रवचन एवं मार्गदर्शन से साधकों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का संचार हुआ।

शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रातःकालीन ध्यान-साधना, भजन, सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शारदा पैलेस परिसर में पूरे शिविर के दौरान शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। साधक नियमित रूप से साधना में सहभागिता कर आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

9 अक्टूबर को होगा शिविर का भव्य समापन

मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का भव्य समापन 9 अक्टूबर 2026 को शारदा पैलेस, हरिपुर कलां, हरिद्वार में होगा। समापन अवसर पर संत-महात्माओं के विशेष प्रवचन, आशीर्वचन एवं विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में साधकों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आयोजक महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार की ओर से समापन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। शिविर के समापन को लेकर साधकों में विशेष उत्साह बना हुआ है।

स्वामी पंकज बाबा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य ध्यान-साधना, सत्संग, सेवा और सदाचार के माध्यम से साधकों को आत्मिक उन्नति एवं आध्यात्मिक जीवन के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि नियमित साधना से मन को एकाग्रता, जीवन को अनुशासन और व्यक्ति को आत्मचिंतन की दिशा मिलती है। बीसवें दिवस तक शिविर में साधकों की निरंतर सहभागिता बनी हुई है तथा आगामी दिनों में भी ध्यान-साधना और सत्संग का क्रम जारी रहेगा।

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