सेवा और संस्कारों की स्मृति में भावपूर्ण आयोजन, श्री कालूराम पाहवा जी की पुण्यतिथि पर लगा विशाल भंडारा
हरिद्वार। गोविंदपुरी स्थित प्रसिद्ध गोविंद घाट पर श्री कालूराम पाहवा जी की पावन स्मृति एवं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धा, सेवा और भक्ति से ओतप्रोत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर श्री कालूराम पाहवा जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर हरिद्वार के प्रख्यात समाजसेवी एवं वरिष्ठ उद्योगपति श्री जगदीश लाल पाहवा जी ने श्री कालूराम पाहवा जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पुण्य आत्माओं की स्मृति में किए जाने वाले सेवा एवं धार्मिक कार्य समाज को सदैव प्रेरणा प्रदान करते हैं। जरूरतमंदों और संतों की सेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि श्री कालूराम पाहवा जी ने अपने जीवन में सेवा, सरलता और सद्भाव के जो संस्कार दिए, वे आज भी परिवार और समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “सब उन्हीं का दिया है, उन्हीं के संस्कार हैं। उन्हीं के बताए मार्ग पर चलते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं। वे भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन सूक्ष्म रूप में सदैव हम लोगों के बीच बने हुए हैं और उनके संस्कार हमें निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे।”
इस अवसर पर श्री गगन पाहवा जी ने कहा कि पूज्य कालूराम पाहवा जी की स्मृतियां आज भी सभी के हृदय में जीवंत हैं। उनकी पुण्यतिथि पर सेवा और भंडारे का आयोजन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके जीवन मूल्यों और सेवा भाव को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है।
वहीं श्री राकेश अरोड़ा पाहवा जी ने कहा कि महापुरुष शरीर से भले ही हमारे बीच न रहें, लेकिन उनके संस्कार और सत्कर्म सदैव समाज में जीवित रहते हैं। श्री कालूराम पाहवा जी की पावन स्मृति आज भी सेवा, सद्भाव और परोपकार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सद्भाव का वातावरण बना रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने श्री कालूराम पाहवा जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।






