हरिद्वार। शिव मूर्ति गली स्थित पीर प्रेमनाथ आश्रम में गणेशनाथ महाराज के सानिध्य में संतों एवं भक्तों के लिए विशाल वार्षिक भंडारे का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न मठ-मंदिरों, अखाड़ों एवं आश्रमों से बड़ी संख्या में संत-महात्मा कार्यक्रम में पहुंचे।
भंडारे में संतों ने विधिवत प्रसाद ग्रहण किया और उपस्थित भक्तों को अपने आशीर्वचन एवं आशीर्वाद से कृतार्थ किया। आश्रम परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी संत-महात्माओं के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर गणेशनाथ महाराज ने संत सेवा और अन्न सेवा को सनातन परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि संतों एवं जरूरतमंदों की सेवा करना ईश्वर की सेवा के समान है। वार्षिक भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्य में भाग लिया और संतों के लिए श्रद्धापूर्वक भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की।
गुरु महाराज के लिए श्रद्धा एवं समर्पण की पंक्तियां
गुरु महाराज का सानिध्य जीवन को नई दिशा देता है,
उनका आशीर्वाद हर कठिन राह को सरल बना देता है।
गुरु चरणों की धूल जिसे मिल जाए, वह धन्य हो जाता है,
गुरु की कृपा से जीवन में भक्ति, शांति और सद्भाव का प्रकाश फैल जाता है।
गुरु ही ज्ञान हैं, गुरु ही ध्यान हैं,
गुरु ही जीवन का सच्चा सम्मान हैं।
गुरु महाराज की कृपा बनी रहे,
हर भक्त के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
भंडारे के सफल आयोजन के लिए आश्रम से जुड़े सेवकों एवं भक्तों ने पूरे समर्पण भाव से सेवा की। कार्यक्रम का समापन संत-महात्माओं के आशीर्वाद एवं भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ हुआ।






