नशा, साइबर अपराध, पोक्सो एक्ट और यातायात नियमों के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
हरिद्वार। ओलिविया इंटरनेशनल स्कूल में भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार एवं हरिद्वार पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे की लत एवं उसके दुष्प्रभाव, यातायात नियमों, साइबर अपराध, पोक्सो एक्ट तथा अन्य कानूनी एवं सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिमरनजीत कौर, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार, श्री ललित मिगलानी, अधिवक्ता, नैनीताल हाई कोर्ट एवं अध्यक्ष, भारतीय जागरूकता समिति, सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र पवार तथा श्री राज कुमार राजेश्वरी उपस्थित रहे।
नशे की शुरुआत शौक से, लेकिन अंत बर्बादी में : ललित मिगलानी
अधिवक्ता ललित मिगलानी ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करते हुए नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर एक शौक के रूप में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही शौक व्यक्ति के जीवन और पूरे परिवार को बर्बाद कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने और स्वस्थ जीवन जीने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने नशे से संबंधित अपराधों में कानून के तहत होने वाली सख्त सजा के प्रावधानों की जानकारी भी दी।
पोक्सो एक्ट की दी विस्तृत जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाबालिग बच्चों, चाहे वे लड़के हों या लड़कियां, के साथ किसी वयस्क द्वारा यौन अथवा अमानवीय व्यवहार किया जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए किसी भी गलत अथवा संदिग्ध घटना की स्थिति में तत्काल उचित व्यक्ति या संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बिना लाइसेंस वाहन न चलाने की अपील करते हुए ट्रैफिक सिग्नल, रोड साइन एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी और कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताते हुए विद्यार्थियों को किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी, पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में सतर्क रहने और उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता ही युवाओं की सुरक्षा का आधार : प्रधानाचार्य कुरियन एंटनी
विद्यालय के प्रधानाचार्य कुरियन एंटनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही युवाओं को नशे, अपराध तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
सेमिनार विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार पुलिस तथा सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।






