श्री उत्कल आश्रम में 1008 श्री मुक्तानंद जी महाराज की नौवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाई गई

🌼 श्री उत्कल आश्रम में 1008 श्री मुक्तानंद जी महाराज की नौवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाई गई 🌼
श्री उत्कल आश्रम, हरिद्वार के भूपतवाला सप्त ऋषि रोड स्थित पावन परिसर में 1008 श्री मुक्तानंद जी महाराज की नौवीं पुण्यतिथि बड़े ही श्रद्धा, धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर आश्रम में विशाल संत समागम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न स्थानों से संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु महाराज के श्रीचरणों में पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित संतों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
🌺 संतों की वंदना ही सच्चा धर्म — परमाध्यक्ष का संदेश
इस अवसर पर आश्रम के परमाध्यक्ष पूज्य श्री बल्लभाचार्य जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “संतों की वंदना और धर्म पालन ही मनुष्य का सच्चा पुरुषार्थ है। संत समाज इस धरती पर सूर्य के समान होते हैं, जो स्वयं तपकर समाज को प्रकाश प्रदान करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 1008 श्री मुक्तानंद जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण था। वे केवल एक संत ही नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे पथप्रदर्शक थे। उनका सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा, आध्यात्मिक उत्थान और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा।
“यदि मनुष्य अपने जीवन में संत सेवा और समाज सेवा को आधार बना ले, तो उसका जीवन वास्तव में सफल, सार्थक और प्रेरणादायी बन जाता है। ऐसे जीवन से आने वाली पीढ़ियाँ भी आदर्श ग्रहण करती हैं।” — उन्होंने कहा।
🍛 विशाल संत एवं भक्त भंडारे का आयोजन
पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आश्रम परिसर में विशाल संत एवं भक्त भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। समस्त वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
🌸 गणमान्य संत एवं भक्तगण रहे उपस्थित
इस अवसर पर संत दुर्गादास जी महाराज, संत गुरमाल सिंह महाराज जी, संत श्रीधर सूर्य चैतन्य जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
भक्त मंडली में श्री शशि शर्मा, अशोक थप्पा, हरीश, श्रीमती राजरानी, श्रीमती सुमन शर्मा, श्रीमती मीना थप्पा, श्रीमती कंचन शर्मा, श्रीमती नेहा शर्मा, श्रीमती नीतू संब्याल सहित अनेक श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और गुरु-प्रेम की अद्भुत छटा देखने को मिली। गुरु महाराज की दिव्य स्मृतियों को नमन करते हुए सभी ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

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