अनमोल टीवी चैनल में ज्वाइनिंग के नाम पर पत्रकारों से ठगी के आरोप


अनमोल टीवी चैनल में ज्वाइनिंग के नाम पर पत्रकारों से ठगी के आरोप
लक्सर, हरिद्वार, रुड़की और बहादराबाद के कई पत्रकारों ने लगाए गंभीर आरोप, बीमा, आईडी कार्ड और न्यूज पब्लिशिंग के नाम पर रकम लेने का दावा
हरिद्वार/लक्सर। अनमोल टीवी चैनल में पत्रकारों को ज्वाइन कराने के नाम पर लक्सर, हरिद्वार, रुड़की और बहादराबाद क्षेत्र के कई पत्रकारों से कथित तौर पर हजारों रुपये लेने का मामला सामने आया है। पत्रकारों का आरोप है कि उनसे ज्वाइनिंग, आईडी कार्ड, माइक आईडी, पांच लाख रुपये के बीमा, वेबसाइट लॉगिन तथा अखबार एवं मासिक पत्रिका में समाचार प्रकाशित करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी उन्हें कथित रूप से promised सुविधाएं और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
पत्रकारों के अनुसार, रवि कुमार रंजन नामक व्यक्ति स्वयं को दिल्ली स्थित हेड ऑफिस से जुड़ा हुआ और अनमोल टीवी चैनल का हेड बताता था। आरोप है कि ज्वाइनिंग के नाम पर कई पत्रकारों से उसके बताए क्यूआर कोड पर भुगतान कराया गया। वहीं बालेश कुमार सैनी नामक व्यक्ति स्वयं को अनमोल टीवी चैनल का स्टेट हेड बताकर शिवालिक नगर क्षेत्र में कार्यालय होने की बात कहता रहा। पत्रकारों का कहना है कि दोनों की ओर से लगातार उन्हें आईडी कार्ड, माइक आईडी, बीमा दस्तावेज और वेबसाइट का यूजर आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता रहा।
पांच लाख रुपये के बीमा का दिया गया था आश्वासन
पत्रकारों का आरोप है कि ज्वाइनिंग के दौरान उन्हें पांच लाख रुपये के लाइफ इंश्योरेंस का आश्वासन दिया गया था। कुछ पत्रकारों से कथित तौर पर बीमा प्रक्रिया के नाम पर अतिरिक्त रकम भी मांगी गई। इसके अलावा कुछ पत्रकारों को फोन पर आए ओटीपी की जानकारी देने के लिए भी कहा गया।
पत्रकारों का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि ओटीपी बताने के बाद उनके ई-मेल पर बीमा से संबंधित जानकारी भेजी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ पत्रकारों ने ओटीपी साझा भी किया। उनका दावा है कि उस समय खातों में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण किसी प्रकार की आर्थिक क्षति नहीं हुई। पत्रकारों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अनमोल जागरण अखबार और मासिक पत्रिका का भी किया गया था दावा
शिकायत करने वाले पत्रकारों का कहना है कि ज्वाइनिंग के समय उन्हें यह भी बताया गया था कि ‘अनमोल जागरण’ नाम से समाचार पत्र प्रकाशित होता है और उनकी रोजाना की खबरें उसमें प्रकाशित की जाएंगी। साथ ही समाचार पत्र की पीडीएफ प्रतिदिन उपलब्ध कराने तथा मासिक पत्रिका प्रकाशित होने की बात भी कही गई थी।
हालांकि पत्रकारों के अनुसार, उन्हें न तो नियमित रूप से समाचार पत्र की पीडीएफ उपलब्ध कराई गई, न हार्ड कॉपी दी गई और न ही कथित मासिक पत्रिका उपलब्ध कराई गई।
पत्रकारों का आरोप है कि कभी-कभार एक ग्रुप में एआई से तैयार की गई खबर जैसी सामग्री भेजी जाती थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार खबर एक स्थान की होती थी, जबकि उसमें किसी दूसरे क्षेत्र के पत्रकार का नाम लिख दिया जाता था। शिकायत के बाद कथित तौर पर खबर में नाम अथवा स्थान सुधारकर दोबारा भेज दिया जाता था।
शिवालिक नगर के कथित कार्यालय को लेकर भी सवाल
पत्रकारों के अनुसार, बालेश कुमार सैनी द्वारा उन्हें बताया जाता था कि शिवालिक नगर में करिश्मा मार्ट के पास अनमोल टीवी चैनल का कार्यालय है और वह वहीं बैठते हैं। एक पत्रकार जब कथित कार्यालय पर पहुंची तो उसके अनुसार वहां अनमोल टीवी चैनल के नाम से कोई अलग कार्यालय नहीं मिला।
शिकायतकर्ता पत्रकार का दावा है कि बालेश कुमार सैनी एक अधिवक्ता के कार्यालय में बैठे मिले और उसी स्थान को अनमोल टीवी चैनल का कार्यालय बताया गया। पत्रकार का कहना है कि वह पहले से उस अधिवक्ता और उनके कार्यालय को जानती थी तथा वहां अधिवक्ता की नेम प्लेट भी लगी हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कार्यालय में अनमोल टीवी चैनल से संबंधित कोई बोर्ड, बैनर, अखबार या अन्य सामग्री भी दिखाई नहीं दी।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है।
विज्ञापन के नाम पर भी रकम लेने का आरोप
लक्सर के कुछ पत्रकारों का आरोप है कि टीवी चैनल पर विज्ञापन चलाने के नाम पर भी उनसे रकम ली गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, भुगतान के बाद न तो विज्ञापन प्रसारित होने की वीडियो क्लिप उपलब्ध कराई गई और न ही प्रसारण का लिंक दिया गया।
पत्रकारों का कहना है कि उनसे किसी से 2 हजार, किसी से 5 हजार तो किसी से 10 हजार रुपये तक लिए गए। आरोप है कि भुगतान के बावजूद उन्हें ज्वाइनिंग से संबंधित पूर्ण दस्तावेज और बताई गई सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
कई पत्रकारों ने उठाए सवाल
हरिद्वार की पूजा शर्मा, लक्सर क्षेत्र के पहल सिंह राणा, कुआंखेड़ा के बाबूराम, ब्रजमोहन शर्मा सहित अन्य पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में संबंधित लोगों से लगातार संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें जल्द आईडी कार्ड, माइक आईडी, बीमा दस्तावेज और वेबसाइट का लॉगिन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
पत्रकारों के मुताबिक ज्वाइनिंग के समय उन्हें कहा जाता था कि 24 घंटे के भीतर ई-मेल पर पूरा विवरण भेज दिया जाएगा और दो दिन के भीतर कूरियर से आईडी कार्ड, माइक आईडी तथा अन्य हार्ड कॉपी प्राप्त हो जाएगी। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी कथित तौर पर यह सामग्री उन्हें नहीं मिली। कुछ पत्रकारों का कहना है कि हमें काफी परेशान करने के बाद माइक आईडी और लेटर दिया पर कुछ लोगों को तो अभी तक कुछ भी नहीं मिला ऑन लाइन मीटिंग में चेहरा नहीं दिखाने का भी आरोप
कुछ पत्रकारों का कहना है कि रवि कुमार रंजन की ओर से ऑनलाइन मीटिंग भी की गई थी, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने अपना चेहरा कैमरे पर नहीं दिखाया। इसके बाद पत्रकारों को अपनी ज्वाइनिंग और भुगतान को लेकर संदेह हुआ।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे संबंधित व्यक्तियों से अपने भुगतान की वापसी अथवा ज्वाइनिंग के दौरान किए गए सभी वादों के प्रमाण चाहते हैं। इनमें पांच लाख रुपये के बीमा की पूरी जानकारी, बीमा पॉलिसी/दस्तावेज, आईडी कार्ड, माइक आईडी, वेबसाइट का यूजर आईडी-पासवर्ड, समाचार पत्र की प्रतियां तथा अन्य सामग्री शामिल है।
पत्रकारों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
पत्रकारों का कहना है कि यदि उनके साथ वास्तव में धोखाधड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि पत्रकार समाज में होने वाली घटनाओं को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में यदि पत्रकारों को ही नौकरी अथवा ज्वाइनिंग के नाम पर कथित रूप से ठगा जाता है तो यह गंभीर विषय है।
शिकायतकर्ताओं ने संबंधित एजेंसी/चैनल प्रबंधन से भी पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग करेंगे।

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