श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हरिद्वार। हरिपुर कला स्थित झालावाड़ गुजरात आश्रम में गंगा तट के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर कथा व्यास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की सुंदर कथा का श्रद्धालुओं को श्रवण कराया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर होकर झूम उठे।
कथा के मुख्य यजमान श्री भीखूभाई अग्रावत हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा श्रवण प्रसाद सेवा केंद्र, अमरेली का संचालन किया जा रहा है। यह सेवा संस्था बुजुर्गों, दिव्यांगों, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों तक घर-घर जाकर निशुल्क भोजन पहुंचाने का कार्य कई वर्षों से कर रही है।
उन्होंने बताया कि जब श्रवण प्रसाद सेवा केंद्र की शुरुआत की गई थी, उस समय मात्र 15 जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाया जाता था। आज संस्था के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए जरूरतमंद एवं असहाय बुजुर्गों को निशुल्क तीर्थ यात्रा, रहने, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
श्री भीखूभाई अग्रावत ने बताया कि सेवा कार्य को आगे बढ़ाते हुए इस बार लगभग 60 से 65 असहाय, वृद्ध एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं को गुजरात से हरिद्वार लाया गया है, ताकि वे मां गंगा के पावन तट पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का निशुल्क श्रवण कर सकें और धार्मिक वातावरण में आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकें।
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजकों ने कहा कि सेवा, भक्ति और मानवता के भाव को साथ लेकर जरूरतमंद लोगों को धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से जोड़ना ही इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।






