गुजरात से पहुंचे 95 श्रद्धालु, श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश
पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित हुआ छप्पन भोग, कथा व्यास करण कृष्ण शास्त्री ने सुनाया भागवत महात्म्य
हरिद्वार। श्रवणनाथ नगर में गुजरात से आए श्रद्धालुओं द्वारा भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण किया। पितृपक्ष के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण को विधि-विधान से छप्पन भोग अर्पित किया गया। छप्पन भोग के दर्शन एवं प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और परिवार की मंगलकामना की।
कथा के आयोजन में गुजरात के अहमदाबाद सहित विभिन्न स्थानों से करीब 95 श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं, जो प्रतिदिन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन की मुख्य यजमान मधुबेन हैं, जो अहमदाबाद, गुजरात से अपने परिवार एवं करीब 100 श्रद्धालुओं के साथ हरिद्वार पहुंची हैं।
मधुबेन सनातन धर्म के प्रति समर्पित होकर निस्वार्थ भाव से धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रही हैं। उनके द्वारा पितृपक्ष के अवसर पर हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कर श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति एवं भागवत ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कथा व्यास करण कृष्ण शास्त्री जी ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कथा श्रवण का माध्यम नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने वाली अमृतधारा है। श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसे भक्ति, सदाचार और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनकी करुणा एवं भक्तों के प्रति प्रेम का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का नाम और उनकी कथा मनुष्य के जीवन को भक्ति एवं आनंद से भर देती है। भागवत कथा के श्रवण से मन के विकार दूर होते हैं और व्यक्ति को सत्य, धर्म, प्रेम तथा सद्कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गुजरात से आए श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाव-विभोर होकर संकीर्तन किया। इस अवसर पर मधुबेन एवं उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गुजरात से पहुंचे श्रद्धालु, श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश






