श्रीमद्भागवत कथा की ज्ञान गंगा में गोते लगाकर भक्त करेंगे जीवन धन्य।

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित श्री राम कृपा धाम ट्रस्ट में 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास परम पूज्य साध्वी डॉ. श्रीमद्भागवत कथा की ज्ञान गंगा में गोते लगाकर भक्त करेंगे जीवन धन्यहरिद्वार। भूपतवाला स्थित श्री राम कृपा धाम ट्रस्ट में 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास परम पूज्य साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी के श्रीमुख से बहने वाली ज्ञान, भक्ति और आध्यात्म की पावन सरिता में श्रद्धालु भक्तजन गोते लगाकर अपने जीवन को धन्य एवं सार्थक करेंगे। कथा के दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन को परमात्मा की भक्ति, सदाचार और सत्य के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि जिस हृदय में भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास जागृत हो जाता है, वहां से भय, अहंकार और नकारात्मकता का अंत होने लगता है। भगवान के नाम का स्मरण और सत्संग मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाकर उसे ईश्वर के निकट ले जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा श्रवण के साथ उसके संदेश को अपने आचरण में उतारें, क्योंकि भागवत का वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है जब भक्ति विचारों से निकलकर व्यवहार में उतरती है। आयोजन को लेकर श्री राम कृपा धाम ट्रस्ट में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचकर कथा व्यास के श्रीमुख से निकलने वाले अमृतमयी वचनों का रसपान करेंगे। देवी के श्रीमुख से बहने वाली ज्ञान, भक्ति और आध्यात्म की पावन सरिता में श्रद्धालु भक्तजन गोते लगाकर अपने जीवन को धन्य एवं सार्थक करेंगे। कथा के दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन को परमात्मा की भक्ति, सदाचार और सत्य के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि जिस हृदय में भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास जागृत हो जाता है, वहां से भय, अहंकार और नकारात्मकता का अंत होने लगता है। भगवान के नाम का स्मरण और सत्संग मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाकर उसे ईश्वर के निकट ले जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा श्रवण के साथ उसके संदेश को अपने आचरण में उतारें, क्योंकि भागवत का वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है जब भक्ति विचारों से निकलकर व्यवहार में उतरती है। आयोजन को लेकर श्री राम कृपा धाम ट्रस्ट में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचकर कथा व्यास के श्रीमुख से निकलने वाले अमृतमयी वचनों का रसपान करेंगे।

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