श्री वशिष्ठ दूधाधारी सप्त ऋषि आश्रम के प्राचीन हनुमान मंदिर में विशाल संत समागम एवं भंडारा संपन्न
हरिद्वार। ब्रह्मपुरी स्थित श्री वशिष्ठ दूधाधारी सप्त ऋषि आश्रम के प्राचीन हनुमान मंदिर में विशाल संत समागम एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम परम पूज्य 1008 महामंडलेश्वर नरसिंह दास दूधाधारी जी महाराज एवं 1008 महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत-महापुरुषों द्वारा दोनों पूज्य गुरुओं के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित संतों ने दोनों संत महापुरुषों के जीवन, तप, त्याग एवं धर्मसेवा को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
आश्रम के वर्तमान महंत जयराम दास जी महाराज के सानिध्य तथा महंत रामदास जी महाराज की कृपा से आयोजित संत समागम में बड़ी संख्या में संत-महापुरुष एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान हनुमान मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
इस अवसर पर महंत रामदास, महंत जयराम दास, महामंडलेश्वर श्याम दास, महंत रघुवीर दास, महंत जगदीश दास, महंत परमेश्वर दास, महामंडलेश्वर किशन दास, महंत नारायण दास पटवारी, महंत मस्त गिरी, महंत मुरारी दास, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, कोतवाल रामदास एवं महंत रघुनाथ दास सहित अनेक संत-महापुरुष उपस्थित रहे।
विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
संत समागम के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में संत-महात्माओं एवं हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। संतों ने कहा कि ऐसे आयोजन गुरु परंपरा, सेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आश्रम समिति की ओर से बताया गया कि यह धार्मिक आयोजन प्रतिवर्ष दोनों पूज्य संतों की पावन स्मृति में आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य संत परंपरा के प्रति श्रद्धा बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना है।






