हरिद्वार में भव्य रूप से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ-2026

हरिद्वार में भव्य रूप से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ-2026
देशभर से जुटे साहित्यकार, चिंतक एवं सामाजिक कार्यकर्ता, गंगा की संस्कृति, साहित्य और पर्यावरण संरक्षण पर हुआ मंथन
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में “अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ-2026” का दो दिवसीय भव्य आयोजन आज 29 अगस्त से अवधूत मंडल आश्रम, शंकर आश्रम चौक, हरिद्वार में उत्साह और गरिमामय वातावरण के बीच प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संतों एवं गंगा प्रेमियों ने पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आयोजन का मुख्य विषय “मां गंगा : संस्कृति, साहित्य, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का संगम” रखा गया है। महोत्सव के दौरान गंगा संरक्षण, भारतीय संस्कृति, साहित्य, पर्यावरण एवं आध्यात्मिक चेतना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विचार मंथन एवं सेमिनार, काव्य सम्मेलन एवं काव्य पाठ, गोष्ठी एवं वाचन, गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम तथा सम्मान समारोह सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों की बड़ी संख्या ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है।
महोत्सव में साहित्य, शिक्षा, विज्ञान एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता भी रही। कार्यक्रम के दौरान साहित्यकार, कवि, शोधकर्ता एवं पर्यावरणविदों ने मां गंगा को भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की जीवनधारा बताते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार, इस दो दिवसीय महोत्सव का उद्देश्य गंगा की पवित्र धारा, भारतीय संस्कृति, साहित्य और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाना है। आयोजन स्थल पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे अतिथियों एवं प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक केशव पाण्डेय तथा राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय हैं। आयोजन दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार एवं सहयोगी संस्थाओं के तत्वावधान में किया जा रहा है।
महोत्सव का समापन 30 अगस्त 2026 को होगा। आयोजकों ने कहा कि “गंगा की पावन धारा, हमारी संस्कृति, हमारा स्वाभिमान—गंगा की सेवा, मानवता की सेवा” के संकल्प के साथ यह आयोजन समाज में गंगा संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का संदेश देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!