उत्तराखंड के शिक्षक सचिन कुमार का ऐतिहासिक गौरव, ‘डीडीआर’ प्रोजेक्ट में उत्कृष्ट योगदान पर सम्मानित
हरिद्वार। उत्तराखंड के शिक्षा जगत और देवभूमि के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत संचालित महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल जिला रिपोजिटरी’ (DDR) प्रोजेक्ट में हरिद्वार जनपद के भगवानपुर ब्लॉक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय हलजौरा के शिक्षक श्री सचिन कुमार ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है।
उनके इस सराहनीय कार्य के लिए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति (रजि), हरिद्वार द्वारा 25 जुलाई को शहीद जगदीश वत्स पार्क, जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर में आयोजित अमर शहीद जगदीश वत्स जयंती समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्रा (पी.सी.एस.) ने उन्हें मोमेंटो प्रदान किया तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हरिद्वार जिले के एकमात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री भारत भूषण ने अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।
श्री सचिन कुमार ने अपने समर्पण और शोधपूर्ण प्रयासों के माध्यम से उत्तराखंड के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, ताम्रपत्र और ऐतिहासिक विवरण एकत्रित किए। उन्होंने 100 से अधिक वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवन गाथाओं का डिजिटल दस्तावेजीकरण कर उन्हें भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर संरक्षित किया, जिससे यह अमूल्य विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित हो गई है।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में महाकवि कालिदास की 150वीं जयंती के अवसर पर सीसीआरटी और संस्कृति मंत्रालय के निर्देशन में श्री सचिन कुमार एवं उनके छात्रों द्वारा ‘तिरंगे की जिद’ नामक देशभक्ति नाटक का मंचन किया गया। 15 जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज, कुंजा बहादरपुर में प्रस्तुत इस नाटक का निर्देशन स्वयं सचिन कुमार ने किया तथा इसे ऑनलाइन माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें शहीद जगदीश वत्स के जीवन संघर्ष को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया।
श्री सचिन कुमार का यह योगदान न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

