पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या पर कनखल हरिद्वार स्थित निर्मल अखाड़े में भव्य भंडारे का आयोजन


हरिद्वार। पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या पर कनखल हरिद्वार स्थित निर्मल अखाड़े में भव्य भंडारे का आयोजन
कनखल स्थित निर्मल अखाड़ा में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सोमवती अमावस्या के दिन एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के दौरान संत-महात्माओं की उपस्थिति ने वातावरण को अत्यंत आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य के साथ इस विशेष दिन का महत्व और भी बढ़ाया। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए उत्तम व्यवस्था की गई थी, जिससे सभी ने शांतिपूर्वक और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर भक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने सभी उपस्थित लोगों के मन को भक्तिमय बना दिया।
सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है, जो हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, पीपल वृक्ष की पूजा और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पुरुषोत्तम मास का महत्व
पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित होता है। यह मास लगभग हर तीन वर्ष में आता है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठान करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
मान्यता है कि इस मास में किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

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