सुमन ज्योति आश्रम में रजत जयंती पर भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह, देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु

हरिद्वार। 🛕 सुमन ज्योति आश्रम में रजत जयंती पर भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह, देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु
हरिद्वार के दूधाधारी चौक स्थित सुमन ज्योति आश्रम में रजत जयंती के पावन अवसर पर मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का भव्य एवं दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संत-महात्मा शामिल हुए, जिससे पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर श्री श्री 1008 सुमन ज्योति जी महाराज ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में ज्योतिष शास्त्र और अंक विज्ञान के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि ज्योतिष केवल भविष्य जानने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य विद्या है। उन्होंने कहा कि अंकों और ग्रहों की सही समझ से व्यक्ति अपने जीवन को संतुलित, सफल और सुखमय बना सकता है।
समारोह की विशेषता यह रही कि इंग्लैंड सहित विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं ने भी अपनी श्रद्धा अर्पित की। विशेष रूप से लंदन से आए भक्तों के सहयोग से इस भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जो आश्रम के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत रवींद्र पुरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने फीता काटकर समारोह का शुभारंभ किया और अपने आशीर्वचनों से कार्यक्रम को और भी दिव्यता प्रदान की।
महंत रवींद्र पुरी जी महाराज सनातन धर्म के सशक्त स्तंभ और आध्यात्मिक परंपरा के गौरव हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के रूप में उनका नेतृत्व संत समाज को एकता, अनुशासन और धर्म मार्ग पर अग्रसर करता है। उनकी सरलता, दूरदर्शिता और धर्म के प्रति समर्पण भाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके सान्निध्य से हर धार्मिक आयोजन में नई ऊर्जा और दिव्यता का संचार होता है।
इस भव्य आयोजन में महानिर्वाणी अखाड़ा एवं विभिन्न आश्रमों से पधारे संतों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रजत जयंती का यह विशेष समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आस्था, एकता और आध्यात्मिक जागरण का अनुपम अवसर भी बन गया।

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