हरिद्वार। पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण: प्रेस क्लब हरिद्वार की व्याख्यानमाला में डॉ. चिन्मय पांडेया का प्रेरक उद्बोधन
हरिद्वार। भारतीय पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित चरणबद्ध व्याख्यानमाला के अंतर्गत एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पांडेया उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में डॉ. चिन्मय पांडेया ने पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा को स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने, स्वतंत्रता संग्राम को धार देने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का सशक्त साधन है।
उन्होंने वर्तमान समय में मीडिया के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह अत्यंत तीव्र हो गया है, जिससे पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं की चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य, निष्पक्षता और संवेदनशीलता ही पत्रकारिता की वास्तविक पहचान है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि 200 वर्षों की यह यात्रा पत्रकारिता के संघर्ष, समर्पण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की मिसाल है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब हरिद्वार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने का कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समापन पर सभी ने यह संकल्प लिया कि पत्रकारिता के आदर्शों और मर्यादाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए
पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण: प्रेस क्लब हरिद्वार की व्याख्यानमाला में डॉ. चिन्मय पांडेया का प्रेरक उद्बोधन

