गंगा तट पर गूंजा शिव महापुराण का अमृत संदेश, गुजरात से पहुंचे श्रद्धालु
हरिद्वार। श्रवणनाथ नगर में पितृपक्ष के पावन अवसर पर बालसर, गुजरात से आए श्रद्धालुओं द्वारा भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। मां गंगा के पावन तट पर आयोजित कथा में गुजरात से लगभग 100 श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं और प्रतिदिन शिव महापुराण का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
शिव महापुराण का रसपूर्ण वाचन शास्त्री राकेश भाई जोशी जी द्वारा किया जा रहा है। कथा के मुख्य यजमान छत्रसिंह कोसाडा एवं समस्त परिवार हैं। कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, शिव भक्ति तथा सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों को सरल एवं भक्तिमय रूप में श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
कथा के आयोजक जयंत्रक जोशी जी ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान मां गंगा के पावन तट पर शिव महापुराण का श्रवण करना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पितृपक्ष में मां गंगा के तट पर शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया है, ताकि श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ भगवान शिव की आराधना कर अपने जीवन को धन्य बना सकें।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण भगवान शिव की महिमा और भक्ति का अद्भुत ग्रंथ है, जिसका श्रवण मनुष्य को धर्म, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा देता है। पितृपक्ष में गंगा तट पर होने वाले इस आयोजन के माध्यम से सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। पूरे कथा स्थल पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
गंगा तट पर गूंजा शिव महापुराण का अमृत संदेश, गुजरात से पहुंचे श्रद्धालु






