सत्य, ज्ञान और भक्ति के संदेश से गूंजा हरिद्वार
जगतगुरु चंद्राचार्य भगवान की 532वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, 13 अखाड़ों के संत-महापुरुष हुए शामिल
हरिद्वार। उदासीन जगतगुरु चंद्राचार्य भगवान की पावन 532वीं जयंती के अवसर पर पंचायती श्री बड़ा उदासीन अखाड़ा कनखल के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। रानीपुर मोड़ से प्रारंभ हुई शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पंचायती श्री बड़ा उदासीन अखाड़ा, कनखल पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत-महापुरुष, साधु-संत एवं श्रद्धालु भक्तजन शामिल हुए।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में धर्मध्वजा लिए जगतगुरु चंद्राचार्य भगवान का स्मरण करते हुए जयकारे लगाते चल रहे थे। पूरे मार्ग में ‘श्री चंद भगवान की जय’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने संत-महापुरुषों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की।
इस पावन अवसर पर पंचायती नया उदासीन अखाड़ा सहित 13 अखाड़ों के संत-महापुरुष एवं भक्तजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, कोठारी राघवेंद्र दास महाराज, सचिव गोविंद दास महाराज, महंत हरिदास महाराज सहित अनेक संत-महापुरुषों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
संत-महापुरुषों ने जगतगुरु चंद्राचार्य भगवान के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आध्यात्मिक जीवन, सनातन परंपरा तथा समाज को दिए गए मार्गदर्शन का स्मरण किया। संतों ने कहा कि महान संतों एवं महापुरुषों की जयंती समाज को धर्म, अध्यात्म, सेवा, त्याग, सत्य और मानव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
महान सूर्यांश मुनि जी महाराज ने कहा कि पंचायती श्री बड़ा उदासीन अखाड़ा द्वारा जगतगुरु श्री चंद भगवान की 532वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। श्री चंद भगवान ने संपूर्ण जगत को सत्य के मार्ग का अनुसरण करते हुए जीवन जीने का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी मानव समाज को सद्मार्ग की ओर प्रेरित कर रही हैं।
महंत एवं सचिव गोविंद दास जी महाराज ने कहा कि जगतगुरु श्री चंद भगवान ने संसार को भक्ति के माध्यम से सत्य की राह दिखाई। उन्होंने मानव जीवन को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
महंत शीतलानंद जी महाराज ने कहा कि जगतगुरु श्री चंद भगवान ने भक्तों को सत्य का ऐसा मार्ग दिखाया, जिसका अनुसरण करने से मानव जीवन धन्य एवं सार्थक हो जाता है। उनके आदर्श और शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
स्वामी जय मुनि महाराज ने कहा कि भगवान श्री चंद जी महाराज ने संपूर्ण विश्व को ज्ञान का संदेश देते हुए मानव समाज को भक्ति के पथ की ओर अग्रसर होने का मार्ग प्रदान किया। उनके बताए मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध एवं सार्थक बना सकता है।
शोभायात्रा के पंचायती श्री बड़ा उदासीन अखाड़ा कनखल पहुंचने पर संत-महापुरुषों एवं श्रद्धालु भक्तजनों का भव्य स्वागत किया गया। जयंती समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरा क्षेत्र धार्मिक जयकारों से गूंज उठा और वातावरण श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत हो गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन मौजूद रहे। सभी ने जगतगुरु चंद्राचार्य भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट करते हुए उनके बताए सत्य, ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।






