हरिद्वार: ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ, पहले दिन योग और आध्यात्म की गूंजऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय योग नगरी ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को भव्यता के साथ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण के पावन सान्निध्य में किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के प्रेरणास्रोत स्वामी चिदानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे।महोत्सव के पहले दिन देश-विदेश से आए योग साधकों, संतों और योग प्रेमियों ने योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से स्वास्थ्य और शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।स्वामी चिदानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करती है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विश्व में योग की राजधानी के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है और यह महोत्सव दुनिया भर के लोगों को योग और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि योग के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के पहले दिन विभिन्न योग सत्र, ध्यान कार्यक्रम, आध्यात्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।महोत्सव के दौरान अगले कई दिनों तक विभिन्न योग गुरुओं द्वारा विशेष सत्र, कार्यशालाएं और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो विश्वभर से आए प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे।
ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ

