अघोषित बिजली कटौती, भारी सरचार्ज और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हरिद्वार, 08 अक्टूबर। हरिद्वार में बिजली विभाग की कथित अनियमितताओं, अघोषित बिजली कटौती और उपभोक्ताओं पर सरचार्ज लगाए जाने के विरोध में जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी के नेतृत्व में गुरुवार को रोशनाबाद स्थित उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के चीफ इंजीनियर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रबंध निदेशक पीएस ध्यानी का पुतला दहन कर विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा कि हरिद्वार में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आम उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में सरचार्ज, अघोषित बिजली कटौती और कथित अवैध छापेमारी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाने और शिकायतें दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से जनता की परेशानियां बनी हुई हैं।
हेमा भंडारी ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एसडीओ अनीता सैनी की लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एसडीओ लगभग 20 वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं, जो स्थानांतरण अधिनियम के प्रावधानों के संदर्भ में जांच का विषय है।
लाइनमैन की बहाली और कार्यप्रणाली की जांच की मांग
हेमा भंडारी ने लाइनमैन इरफान की बहाली प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बहाली की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और संबंधित कर्मचारी के माध्यम से आम लोगों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जनप्रतिनिधियों की ओर से पहले भी शिकायतें दी गई थीं, लेकिन पार्टी का आरोप है कि UPCL के प्रबंध निदेशक पीएस ध्यानी को लगातार शिकायतें भेजे जाने के बावजूद उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पार्टी ने मांग की कि इन आरोपों की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए, ताकि तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय हो सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उठाईं प्रमुख मांगें
जन अधिकार पार्टी जनशक्ति की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें उठाई गईं—
- बिजली बिलों में सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं पर पड़ रहे कथित अतिरिक्त आर्थिक बोझ की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
- अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाकर उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- कथित अवैध छापेमारी की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- एसडीओ अनीता सैनी की लगभग 20 वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनाती के मामले की जांच की जाए और स्थानांतरण अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं।
- प्रबंध निदेशक, UPCL देहरादून को पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की जाए।
- लाइनमैन इरफान की बहाली प्रक्रिया से संबंधित शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा नियमानुसार आवश्यक स्थानांतरण किए जाएं।
दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
पार्टी ने स्पष्ट किया कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में प्रदेश सचिव कुर्बान अली, प्रवक्ता जमाल अख्तर, मुस्तकीन, शाहरुख सहित पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।






