संत पथिक जी महाराज की पुण्य स्मृति में श्रद्धा, भक्ति और सत्संग का भव्य महोत्सव संपन्न
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित परमार्थ आश्रम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान संत पथिक जी महाराज की पावन स्मृति में आयोजित भव्य महोत्सव बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आश्रम परिसर में भक्तों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा वातावरण गुरु भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति एवं आध्यात्मिक जीवन के अमूल्य संदेशों को आत्मसात किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने गुरु महिमा, सत्संग के महत्व तथा मानव जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्री सतिश नारायण जी ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन में गुरु भगवान संत पथिक जी महाराज के दिव्य व्यक्तित्व एवं उनके लोककल्याणकारी कार्यों का स्मरण करते हुए कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और आत्मकल्याण के प्रकाश की ओर ले जाता है। उनके विचार गुरु भक्ति की भावना से परिपूर्ण रहे।
वहीं श्री अवधेश नारायण जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि संतों का जीवन समस्त मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलकर सेवा, साधना और सदाचार को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
श्रीमती श्वाति अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरु कृपा की महिमा का वर्णन किया और कहा कि गुरु का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी निधि है। उन्होंने सत्संग एवं आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया।
पूरे आयोजन के दौरान भजन, सत्संग, कथा एवं गुरु स्मरण के कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महोत्सव का समापन सामूहिक प्रार्थना, संत वंदन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु भगवान संत पथिक जी महाराज के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हुए आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

