गुरु निर्वाण दिवस पर कमल दास की कुटिया में कथा समापन, भव्य भंडारे में उमड़ी श्रद्धा

🕉️ गुरु निर्वाण दिवस पर कमल दास की कुटिया में कथा समापन, भव्य भंडारे में उमड़ी श्रद्धा
पवित्र एवं भक्तिमय वातावरण में कमल दास की कुटिया में आयोजित कथा का समापन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। गुरु महाराज जी के निर्माण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में आश्रम के श्री महंत ओम प्रकाश शास्त्री महाराज के पावन सानिध्य में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
सुबह से ही आश्रम परिसर भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा। चारों ओर आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तगण भक्ति रस में डूबे नजर आए और वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया।
इस अवसर पर देश के प्रख्यात कथा व्यास सुनील कैलाशी महाराज ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में कहा कि “हरि का नाम ही मनुष्य को भवसागर से पार कराने का एकमात्र सरल और प्रभावी साधन है।” उन्होंने बताया कि भगवान का स्मरण जीवन को सफल बनाने की सर्वोत्तम युक्ति है और यही सच्चे अर्थों में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है। उनके ओजस्वी विचारों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
महंत ओम प्रकाश शास्त्री महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिनके हृदय में भगवान का वास हो जाता है, उनका जीवन स्वतः ही पवित्र और सफल बन जाता है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि सत्य के मार्ग पर चलना, धर्म-कर्म में लगे रहना और दान-पुण्य करना ही जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि दान-पुण्य के कार्य मनुष्य को भवसागर से पार लगाने में सहायक होते हैं और आत्मिक शांति प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा आश्रम परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से ओतप्रोत नजर आया।
गौरतलब है कि गुरु महाराज जी के निर्माण दिवस पर यह भव्य आयोजन हर वर्ष किया जाता है। साथ ही आश्रम में समय-समय पर भक्तों द्वारा धार्मिक कथाओं का आयोजन भी निरंतर चलता रहता है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होता है और धर्म के प्रति आस्था और भी प्रगाढ़ होती है।

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