हरिद्वार। धर्मनगरी में परम पूज्य माता लाल देवी जी के 103वें पुण्यस्मरण दिवस के पावन अवसर पर भव्य संत समागम एवं विशाल भंडारे का दिव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में दूर-दूर से पधारे संत-महात्माओं, महंतों, महामंडलेश्वरों एवं श्रद्धालु भक्तजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वेद मंत्रोच्चारण एवं भजन-कीर्तन के साथ हुई। उपस्थित संतों ने परम पूज्य माता लाल देवी जी के श्रीचरणों में अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके त्याग, तपस्या और आध्यात्मिक जीवन पर प्रकाश डाला। संतों ने अपने मुखारविंद से माता जी के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, समर्पण और मानवता का अद्वितीय उदाहरण रहा है।
इस पावन अवसर पर पूज्य माता लाल देवी ट्रस्ट के भक्ति दुर्गा दास जी द्वारा सभी संतों, महंतों एवं महामंडलेश्वरों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने आगंतुक संतों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माता जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना ही ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य है और इसी भावना से ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा।
कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सेवा की अद्भुत छटा देखने को मिली।
यह दिव्य संत समागम न केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों के संदेश को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
परम पूज्य माता लाल देवी जी के 103वें पुण्यस्मरण दिवस पर संत समागम एवं भव्य भंडारे का दिव्य आयोजन

