जूना अखाड़े की छड़ी यात्रा से मिलेगा शांति और समृद्धि का संदेश, आदि कैलाश और ओम पर्वत तक पहुंचेगी यात्रा

महामंडलेश्वर स्वामी प्रेरणानंद हिमालयन योगी ने दी नवरात्रि की शुभकामनाएं, वर्ष 2027 के नेत्र कुंभ में दो लाख लोगों को चश्मे उपलब्ध कराने का लक्ष्य

हरिद्वार। जूना अखाड़ा हरिद्वार से पौराणिक छड़ी यात्रा के शुभारंभ अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी प्रेरणानंद हिमालयन योगी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने छड़ी यात्रा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन परंपराओं के अनुसार उत्तराखंड के पौराणिक मठों और मंदिरों में छड़ी यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में शांति, सद्भाव और समृद्धि का संदेश प्रसारित करना है।

महामंडलेश्वर स्वामी प्रेरणानंद हिमालयन योगी ने सभी को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जूना अखाड़े के संत-महात्मा प्राचीन परंपराओं और जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत का अनुसरण करते हुए इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। जूना अखाड़े के पूज्य गुरुजनों के सानिध्य में उत्तराखंड के प्रमुख पौराणिक मठों और मंदिरों तक यह यात्रा पहुंचती है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ शांति और समृद्धि का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार से प्रारंभ हुई यह छड़ी यात्रा आगे चलकर लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत तक पहुंचेगी। यह यात्रा उत्तराखंड की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

वर्ष 2027 के कुंभ में दो लाख लोगों को चश्मे उपलब्ध कराने का लक्ष्य

इस अवसर पर सक्षम के प्रांत अध्यक्ष एवं नेत्र कुंभ के प्रबंधक प्रमुख श्री ललित पंत गिरि ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों तथा नेत्र कुंभ की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के दौरान नेत्र कुंभ शिविर के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को नेत्र जांच, चश्मे, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व में आयोजित नेत्र कुंभ के दौरान लगभग 50 हजार लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गई थीं तथा जरूरतमंदों को चश्मे भी उपलब्ध कराए गए थे। इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027 के कुंभ मेले में लगभग दो लाख लोगों को चश्मे उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ललित पंत गिरि ने बताया कि जिन लोगों को आंखों के ऑपरेशन की आवश्यकता होगी, उन्हें संगठन की ओर से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। नेत्र कुंभ का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और उन्हें आंखों से संबंधित समस्याओं के उपचार की सुविधा प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि नेत्र कुंभ में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को लाभान्वित करने की योजना है। नेत्र जांच से लेकर आवश्यक उपचार और ऑपरेशन तक की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी व्यक्ति आंखों के उपचार से वंचित न रहे।

उन्होंने आमजन से अपील की कि जिन लोगों को आंखों से संबंधित कोई भी समस्या है, वे नेत्र कुंभ की सुविधाओं का लाभ उठाएं। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाला कुंभ मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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