गंगा तट पर गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, देर रात तक गरबा में झूमे श्रद्धालु

गंगा तट पर गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, देर रात तक गरबा में झूमे श्रद्धालु
हरिद्वार। पवित्र गंगा तट स्थित मुल्तान भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का अत्यंत भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
कथा का आयोजन मनहर भाई रामदीन कोष्टी के सान्निध्य में किया जा रहा है, जबकि कथा व्यास के रूप में भागवत आचार्य विरम भाई देसाई श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की रसपूर्ण कथा सुना रहे हैं। चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमने लगे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
इस विशेष आयोजन का आयोजन अहमदाबाद से आए एक श्रद्धालु परिवार द्वारा अपने पूज्य पिता की स्मृति में किया गया। परिवार द्वारा लगभग 250 श्रद्धालुओं के हरिद्वार आगमन, ठहरने, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं का अत्यंत सुंदर और समर्पित भाव से प्रबंध किया गया।
रात्रि के समय आयोजन में एक विशेष आकर्षण तब देखने को मिला जब गुजरात से आए श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण भजनों पर पारंपरिक गरबा प्रस्तुत किया। देर रात तक भक्तगण गरबा करते हुए श्रीकृष्ण भक्ति में झूमते रहे। भक्ति और उल्लास का यह संगम सभी के लिए एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, आरती और कथा श्रवण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। गंगा तट पर बहती पावन धारा के बीच यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का अनुपम उदाहरण बनकर उभरा।
आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया और आयोजनकर्ता परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आगामी दिनों में भी इसी प्रकार भक्ति और श्रद्धा के साथ जारी रहेगा

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