हरिद्वार में संत समाज का विरोध: भगवा के अपमान पर पप्पू यादव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी
हरिद्वार। भगवा वस्त्र और संत समाज के सम्मान को लेकर हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में साधु-संतों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी जी महाराज, श्री महंत ललितानंद गिरि जी महाराज सहित अनेक संतों ने एकजुट होकर संसद में कथित रूप से भगवा के अपमान को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
संत समाज ने पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संतों का कहना है कि भगवा केवल एक रंग नहीं बल्कि सनातन धर्म, त्याग और आस्था का प्रतीक है, जिसका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान संतों ने चेतावनी दी कि यदि पप्पू यादव कुंभ मेले में आते हैं, तो उनका विरोध किया जाएगा और उन्हें अपमानित कर वापस भेजा जाएगा। हालांकि, संतों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं, तो संत समाज उन्हें आशीर्वाद देकर सम्मानपूर्वक विदा करेगा।
संतों ने कहा कि संसद जैसे गरिमामयी मंच पर इस प्रकार के अपमानजनक शब्दों का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित नेताओं से इस विषय में गंभीरता दिखाने और संत समाज की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संतों ने भाग लिया और एक स्वर में भगवा के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।

