संत श्री आनंद प्रकाश बापू की पावन स्मृति में गूंजा श्री नकलक धाम, हजारों संतों ने ग्रहण किया प्रसाद

भक्ति, सत्संग और संत सेवा से भक्तिमय हुआ वातावरण, गुजरात से पहुंचे श्रद्धालुओं ने संतों का लिया आशीर्वाद

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित श्री नकलक धाम में परम पूज्य गुरु भगवान संत श्री आनंद प्रकाश बापू जी की पावन स्मृति में श्री आनंद प्रकाश बापू सेवा समिति के तत्वावधान में विशाल संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। गुजरात की पावन धरा से पधारे समिति के सेवाभावी भक्तजनों ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ विशाल सत्संग, भव्य कीर्तन, संत सेवा और संत भंडारे का आयोजन किया।

संत समागम के दौरान हजारों संत-महात्माओं को श्रद्धापूर्वक वस्त्र, दक्षिणा एवं भोजन कराया गया। संतों के सानिध्य में आयोजित सत्संग, कीर्तन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों से पूरा श्री नकलक धाम हरि नाम और संत वाणी से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के श्रीचरणों में बैठकर ज्ञान और भक्ति की पावन धारा का लाभ लिया तथा आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

इस अवसर पर गुजरात से पधारे परम पूज्य श्री माया भाई आहिर जी ने भक्तजनों को संबोधित करते हुए कहा कि संतों की सेवा और सत्संग मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। गुरु और संतों के चरणों में बैठकर प्राप्त होने वाला ज्ञान जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सेवा, सुमिरन और सद्भाव के मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। संतों का आशीर्वाद मिलने से जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि श्री आनंद प्रकाश बापू जी ने सेवा, भक्ति और मानव कल्याण की जो पावन परंपरा स्थापित की, उसे आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। संत सेवा एवं जरूरतमंदों की सेवा के माध्यम से समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश पहुंचाया जा सकता है।

वहीं गुजरात से पधारे परम सेवाभावी एवं कर्तव्यनिष्ठ श्री अनिल भाई जी ने कहा कि सेवा कोई उपकार नहीं, बल्कि परमात्मा द्वारा प्रदान किया गया सौभाग्य है। संतों की सेवा करने से मन को शांति और जीवन को नई प्रेरणा प्राप्त होती है। गुरुजनों द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों का प्रकाश फैलाना हमारा परम कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि श्री आनंद प्रकाश बापू जी की पावन स्मृति सदैव भक्तों के हृदय में जीवंत रहेगी। उनके सेवा, भक्ति एवं मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

संत समागम के दौरान हुए भव्य कीर्तन, सत्संग एवं संत भंडारे ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया। गुजरात सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे भक्तजनों ने आयोजन में श्रद्धापूर्वक सहभागिता की और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा श्री नकलक धाम हरि नाम, भक्ति और संत वाणी से गुंजायमान रहा।

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