नवरात्रि एवं दशहरे पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं, बोले—जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है
हरिद्वार। बाबा हठयोगी जी महाराज ने समस्त देशवासियों को पावन नवरात्रि एवं विजयादशमी (दशहरे) की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए नारी सम्मान, शक्ति उपासना और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही स्त्रियों को पूजनीय माना गया है और नारी का सम्मान हमारी संस्कृति एवं सभ्यता की पहचान है। स्त्रियां सदैव सम्मान और आदर की अधिकारी हैं।
बाबा हठयोगी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में भी नारी के महत्व को विशेष स्थान दिया गया है। मान्यता है कि जहां नारी की पूजा और सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। नवरात्रि का पर्व हमें मातृशक्ति की आराधना करने के साथ-साथ अपने जीवन में महिलाओं के प्रति आदर, सम्मान और समानता का भाव रखने की प्रेरणा देता है।
गुरु महाराज ने नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा की स्तुति “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” का संदेश देते हुए कहा कि मां दुर्गा समस्त संसार में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन श्रद्धा और भक्ति के साथ मां के नौ रूपों की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मां अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती हैं और उन्हें शक्ति, साहस तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और व्रत का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सदाचार और नारी शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी अवसर है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, परिवार और समाज में महिलाओं को उचित सम्मान देना चाहिए। जिस घर में महिलाओं का आदर होता है, वहां प्रेम, शांति, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बना रहता है।
बाबा हठयोगी महाराज ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां बरकत और संपन्नता आती है, जबकि नारी का अपमान परिवार और समाज में अशांति तथा दुखों का कारण बनता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नारी के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
अंत में बाबा हठयोगी महाराज ने सभी देशवासियों से अपील की कि वे नवरात्रि एवं दशहरे के पावन पर्व पर बुराइयों का त्याग कर अच्छाई, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। साथ ही मां दुर्गा से समस्त देश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि नारी शक्ति का सम्मान करना ही सच्ची देवी आराधना है।






