श्री ललिता आश्रम में गंगा-जमुना मिलन महोत्सव की धूम, सहस्त्र चंडी महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
हरिद्वार। श्रीधाम मायापुरी स्थित प्रसिद्ध श्री ललिता आश्रम में परमपिता परमात्मा, मां भगवती रंगेश्वरी एवं पूज्य गुरुजनों की पावन कृपा से गंगा-जमुना मिलन महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ में देशभर से राजराजेश्वरी, रंगेश्वरी एवं महाकाली देवी के आस्थावान भक्त बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ यज्ञ-अनुष्ठान में सहभागिता कर रहे हैं।
सहस्त्र चंडी महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ-अनुष्ठान, भजन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का हरिद्वार आगमन लगातार जारी है। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति देखते ही बन रही है।
16 सितंबर को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के होंगे पावन श्रीवचन
महोत्सव के दौरान 16 सितंबर को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के पावन श्रीवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। उनके आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रवचनों में धर्म, अध्यात्म और जीवन के गूढ़ रहस्यों से जुड़े विषयों का मार्गदर्शन मिलेगा। उनके श्रीवचनों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।
संस्थापक श्री अशोक कुमार गुप्ता ने बताया आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व
श्री ललिता आश्रम के संस्थापक श्री अशोक कुमार गुप्ता जी ने कहा कि मां भगवती की कृपा एवं संत-महात्माओं के आशीर्वाद से आयोजित यह महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति प्रदान करने वाला है। गंगा-जमुना मिलन महोत्सव भारतीय सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के साथ ही आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं।
कन्हैयालाल अग्रवाल ने बताया संस्कार और सद्भाव का माध्यम
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष, ब्रज प्रांत श्री कन्हैयालाल अग्रवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और सेवा की भावना मजबूत होती है। मां भगवती की आराधना से मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का संचार होता है।
अमरनाथ गोयल ने बताया परम सौभाग्य का अवसर
श्री अमरनाथ गोयल ने कहा कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ में शामिल होना स्वयं में परम सौभाग्य की बात है। संतों का सान्निध्य और यज्ञ की पवित्र ऊर्जा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है।
राजेश जी ने कहा—श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम
श्री राजेश जी ने कहा कि गंगा-जमुना मिलन महोत्सव श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आनंद जी ने बताया संतों के वचन जीवन को देते हैं सही दिशा
श्री आनंद जी ने कहा कि मां भगवती की भक्ति मनुष्य के जीवन में शांति और आत्मविश्वास का संचार करती है। संत-महात्माओं के पावन वचनों का श्रवण जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
राजू बृजवासी ने कहा—हरिद्वार में महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर
श्री राजू बृजवासी ने कहा कि हरिद्वार की पावन धरती पर आयोजित यह महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है। यज्ञ, भजन और संतों के दर्शन से मन को शांति तथा आत्मा को नई ऊर्जा प्राप्त होती है।
आचार्य रामकिशोर ने बताया लोककल्याण का माध्यम है यज्ञ
श्री आचार्य रामकिशोर जी ने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ को लोककल्याण और आध्यात्मिक शुद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। सहस्त्र चंडी महायज्ञ से श्रद्धालुओं में धर्म, भक्ति और सेवा की भावना और अधिक प्रबल होगी।
दिनेश जी ने दिया प्रेम और भाईचारे का संदेश
श्री दिनेश जी ने कहा कि मां भगवती की आराधना से भक्तों को जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यह महोत्सव धर्म और अध्यात्म के साथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दे रहा है।
अनिल जी ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का किया आह्वान
श्री अनिल जी ने कहा कि संतों का सान्निध्य और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया।
गंगा-जमुना मिलन महोत्सव एवं सहस्त्र चंडी महायज्ञ को लेकर श्री ललिता आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञ में आहुति देने के साथ संत-महात्माओं के दर्शन एवं श्रीवचनों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।






