घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच लोहड़ी की धूम: अग्नि की गर्माहट और भंगड़े की थाप से गुलजार हुआ भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है, लेकिन कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चादर भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर पाई। मंगलवार रात देशभर में, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में लोहड़ी का त्यौहार पूरे पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।कोहरे पर भारी पड़ा उत्साह सुबह से ही धुंध छाए रहने के बावजूद, शाम होते ही गलियों और मोहल्लों में लोहड़ी की पवित्र अग्नि प्रज्वलित की गई। दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण दूर से केवल आग की लपटें और ढोल की आवाजें ही सुनाई दे रही थीं, जिसने उत्सव को एक अलग ही जादुई और खुशनुमा माहौल दे दिया।परंपराओं का निर्वाह लोगों ने लोहड़ी की आग में तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। ‘सुंदर मुंदरिये’ के गीतों और गिद्दे-भंगड़े की थाप ने वातावरण में गर्मी भर दी। कोहरे के कारण लोग आग के घेरे के और करीब नजर आए, जहाँ गपशप और नाच-गाने का दौर देर रात तक चलता रहा।बाजारों में रौनक और पकवानों का स्वाद कोहरे के बीच भी बाजारों में तिल के लड्डू और गजक की भारी मांग देखी गई। घरों में विशेष रूप से ‘मक्के की रोटी और सरसों का साग’ तैयार किया गया। ठंड के इस मौसम में लोहड़ी की अग्नि न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि ठिठुरते लोगों के लिए राहत का जरिया भी साबित हुई।मौसम विभाग का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे का यह असर बना रहेगा। हालांकि, लोहड़ी के इस त्यौहार ने लोगों को प्रकृति की मार के बीच एक साथ आकर खुशियां मनाने का अवसर दिया है।
घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच लोहड़ी की धूम: अग्नि की गर्माहट और भंगड़े की थाप से गुलजार हुआ

