आज क्रिसमस के दिन संपूर्ण विश्व प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को ‘क्रिसमस’ के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मना रहा है।यीशु मसीह का जन्म अंधकार में डूबी दुनिया को प्रेम, आशा और मुक्ति की नई रोशनी देने के लिए हुआ था।उन्होंने सिखाया कि सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी भेदभाव के दीन-दुखियों और असहायों की जाए।यीशु का संदेश अत्यंत सरल और गहरा है: “एक-दूसरे से वैसा ही प्रेम करो जैसा परमेश्वर तुमसे प्रेम करता है।”उन्होंने मानव जाति को क्षमा की शक्ति सिखाई और बताया कि बैर को केवल प्रेम से ही जीता जा सकता है।प्रभु यीशु ने शांति का दूत बनकर धरती पर विनम्रता, दया और करुणा के बीज बोए।वे ‘जगत की ज्योति’ कहलाते हैं, जो हर भटकते हुए इंसान को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाते हैं।आज का दिन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर हमारे बीच प्रेम के रूप में वास करते हैं।यीशु की शिक्षाएं आज भी समाज में भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक हैं।आइए, इस क्रिसमस हम यीशु के पदचिह्नों पर चलने और संसार में शांति फैलाने का संकल्प लें और अपने जीवन को सही दिशा में लेकर जाएं।
24 एवं 25 दिसंबर, 2025 को सेंट मेरी में क्रिसमस के पावन अवसर पर यीशु मसीह क्रिसमस दिवस बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया

