शांतिपूर्ण वातावरण और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच आज गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में जारी शताब्दी समारोह 2026 के पावन अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का विशेष आगमन हुआ। समारोह में उनके आगमन से कार्यक्रम की गरिमा और श्रद्धा और भी बढ़ गई है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने समारोह स्थल पर पहुंचकर उपस्थित साधकों, प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शांतिकुंज की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विराट समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह केवल एक साधना कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में नैतिक चेतना, सेवा और संस्कृति का सशक्त संदेश भी फैलाता है।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी बताया कि शांतिकुंज का यह शताब्दी समारोह आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता के मूल्य को आगे बढ़ाने में एक प्रेरणादायी मंच साबित हुआ है। उनके अनुसार, इस तरह के आयोजन समाज को नैतिकता, अनुशासन और देश सेवा के मार्ग पर अग्रसरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में हजारों साधक, श्रद्धालु, और देश-विदेश से आए उत्तरदायी लोग शामिल हुए। उन्होंने राज्यपाल के आगमन का स्वागत पुष्पवर्षा और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। शताब्दी समारोह में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों तथा अन्य धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी भाग लिया है।
इस अवसर पर आयोजित विविध कार्यक्रमों में आज भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, सामूहिक साधना सत्र, और सामाजिक विचार गोष्ठियाँ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को और भी दृढ़ बनाना है।
शांतिकुंज शताब्दी समारोह 2026 का 51 दिवसीय कार्यक्रम के समापन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का भव्य आगमन

