हरिद्वार, 18 जनवरी 2026:
धर्मनगरी हरिद्वार के आध्यात्मिक जगत से एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। जूना अखाड़े के प्रतिष्ठित महामंडलेश्वर, अंतरराष्ट्रीय राम कथा वाचक और श्री तुलसी मानस मंदिर, हरिद्वार के अधिष्ठाता ‘मानस परमहंस’ स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज का देहावसान हो गया है। उनके निधन की सूचना से संत समाज और उनके देश-विदेश में फैले अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्वामी जी न केवल जूना अखाड़े के एक वरिष्ठ स्तंभ थे, बल्कि उन्होंने मानस परमहंस के रूप में दशकों तक भगवान राम के आदर्शों और रामचरितमानस के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया। श्री तुलसी मानस मंदिर के अधिष्ठाता के रूप में उन्होंने धर्म और संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया।
कल दी जाएगी भू-समाधि
महाराज जी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है, जहाँ श्रद्धालु और संत समाज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। आश्रम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को प्रातः 11:30 बजे ब्रह्मलीन संत स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज को वैदिक मंत्रोच्चार और अखाड़े की परंपराओं के अनुसार भू-समाधि दी जाएगी।
इस अवसर पर जूना अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित हरिद्वार के कई प्रमुख संतों और गणमान्य व्यक्तियों के उपस्थित रहने की संभावना है। संत समाज ने उनके निधन को सनातन धर्म और कथा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
समाचार: हरिद्वार के प्रसिद्ध संत और अंतरराष्ट्रीय राम कथा वाचक स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज का देहावसान

